यूंके यूँही..
जब हम चाहते हैं कि तुम आओ, तुम आते नहीं,
जब तुम कहते हो कि आना है, हम बुलाते नहीं।
तुम कहते हो यहां जाना है, वहां जाना है,
हम कहते हैं रुको भाई, तुम्हारा यहीं ठिकाना है।
हम तो लफ्ज़ ही ढूंढते रह गए, लिखने को ग़ज़ल इक नयी,
तूने इक बात कही, वही मशहूर हो गयी।
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