आंसू..
आँखों से बहते नहीं दिल ही में रह जाते हैं आंसू बड़े महँगे हैं ये खुल कर कुछ भी कहते नहीं रात को व्यथा सुनाते हैं आंसू बड़े शर्मीले हैं ये दुःख से हैं अनजान नहीं पर पलकों पे रुक जाते हैं आंसू बड़े सजीले हैं ये कभी कभी जब खुश होता हूँ हँसते हुए ही अक्सर आंसू क्यों आ जाते हैं ये..